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| Heigh blood pressure symptoms and treatment |
ब्लड प्रेशर या रक्तचाप बढ़ने का कारण और इलाज क्या है?
हाई ब्लड पेशर का प्रमुख कारण जीवनशैली से जुड़ी आदतें होती हैं, जिससे और भी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। रक्तचाप बढ़ने के क्या लक्षण है, यह कई सालों तक पता नहीं चलता है और ब्लड प्रेशर बिना किसी लक्षण के बढ़ा रहता हैं। हाई बीपी को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। यदि हाई ब्लड प्रेशर का पता लग जाए तो दवाइयों और हेल्दी लाइफ स्टाइल के द्वारा उच्च रक्तचाप को काबू किया जा सकता है।
समय पर भोजन ना करना, देर तक स्मार्टफोन चलाना, व्यायाम ना करना इत्यादि हाई बीपी के कारण हो सकते है। इसी प्रकार आधुनिक जीवनशैली के कारण उच्च रक्तचाप का रिस्क बढ़ जाता है। इनके अलावा और भी कुछ वजह हैं, जिनके लिए हम जिम्मेदार नहीं होते हैं, जैसे लिंग, उम्र, जीवनशैली इत्यादि। आइए जानते हैं,हाइ ब्लड प्रेशर क्यों होता है, इसके क्या कारण हैं, इसके बढ़ने से क्या क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है,आदि।
हाई बीपी के सामान्य लक्षण क्या है?(symptoms of heigh blood pressure)
वैसे तो हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण कई सालों तक दिखाई नहीं देते है, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण हैं, जिसका पता लगने के बाद आप ब्लड प्रेशर जांच करा सकते हैं:-दृष्टि में परिवर्तन-
छाती में दर्द -
चक्कर आना -
अचानक कभी भी चक्कर आना, उच्च रक्तचाप की और संकेत करता है।
सांस लेने में मुश्किल-
थोड़ा सा चलने पर सांस फूलना। सीढियाँ चढ़ने पर सन भर जाना भी हाई बीपी की और इशारा करता है।
पेशाब में खून आना या नाक से खून आना-
पेशाब में खून आना या नाक से खून आना भी हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण हो सकता हैं।
सिरदर्द रहना -
लगातार सिरदर्द या तनाव रहना या अचानक से तेज सिरदर्द होना भी उच्च रक्तचाप का लक्षण है।
हाइपरटेंशन होने के क्या कारण है?(cause of hypertension)
तनाव (tension)
आज के आधुनिक युग मे हर कोई स्ट्रेस से ग्रस्त है| पहले यह बीमारी बुज़ुर्गो में पाई जाती थी लेकिन अब यह युवको और बच्चों को भी होने लगी है| नौकरीपेशा लोग दफ़्तर के काम से स्ट्रेस में रहते हैं, वही ग्रहणी, जिन्हें घर संभालने का स्ट्रेस होता है। स्ट्रेस के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले हॉर्मोन्स निकलते हैं जो रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालते है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।सिग्रेट और शराब का सेवन(smoking and alcohal)
अगर आप कभी कभार सिगरेट् पीते हैं, तब भी आपको हाइपरटेंशन हो सकता है।सिगरेट् में निकोटीन होता है जो कोशिकाओं को संकुचित कर देता है। ज़्यादा मात्रा में शराब का सेवन भी आपको हाइपरटेंशन का शिकार बना सकता है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने से क्या होता है?(effect of heigh blood pressure)
ब्लड प्रेशर के बढ़ने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती है:-एन्यूरिज्म (anyurism) :
हार्ट फेल्योर (heart felure) -
हाई बीपी से कोशिकाओं पर ज़्यादा दबाव पड़ता है जिसके कारण ह्रदय की मांसपेशियां भारी हो जाती हैं। ऐसे में शरीर की जरूरत के मुताबिक रक्तप्रवाह नहीं होता है और हार्ट फेल्योर की समस्या हो सकती है।
दिल का दौरा (heart attack) -
हाई ब्लड प्रेशर से शरीर की कोशिकाएं सख्त और मोटी हो जाती हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक और दूसरी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।
मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं -
अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर आपकी सोचने और सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है। है। याददाश्त में कमी की समस्या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में सामान्य मानी जाती है।
उच्च रक्तचाप बिना किसी दवाई के प्रयोग से भी सामान्य स्तर पर लाया जा सकता है| इसके लिए जरूरी है अपनी जीवन शैली में बदलाव करना। यदि आप अपनी जीवन शैली में निम्नलिखित बदलाव लाते हैं, तो आप इस गंभीर बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। हाइपरटेंशन से बचना है तो अपने वजन को नियंत्रित रखें । नियमित व्यायाम से हाइपरटेंशन को कम करने में मदद कर सकता है। व्यायाम दिमाग को शांत करता है, और मानसिक तनाव कम हो जाता है।
संतुलित आहार लें और नमक का सेवन कम से कम करें। शराब की मात्रा को सीमित रखें और धुम्रपान बिल्कुल बंद कर दें। ऐसे करने से आपको बिना दवा हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।



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